भारत सरकार
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी, भारत सरकार के मंत्रालय

सिंहावलोकन

इस कार्यक्रम के अंतर्गत चिह्नित किए गए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समयबद्ध परियोजनाएं संचालित करने का प्रस्ताव प्रस्तुओत करने वाले मान्यता प्राप्त स्वायत्त अनुसंधान एवं विकास संगठनों और अकादमिक संगठनों को अनुदान सहायता के माध्यजम से अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जाता है। विशेष रूप से इस उद्देश्य के लिए संगत क्षेत्रों में विशेषज्ञों से युक्त एक कार्य दल गठित किया जाता है। यह साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में इस गतिविधि के कार्यान्वयन में प्रौद्योगिकी रूझानों के विश्लेषण, महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान तथा प्रौद्योगिकी विकास योजनाओं के साथ-साथ मूल्यांकन तथा डीआईटी से वित्तीय सहायता प्राप्‍त करने हेतु परियोजना प्रस्तावों की उपयुक्त अनुशंसाओं को पूर्ण परामर्श एवं सहायता प्रदान करता है। प्रत्येक परियोजना के लिए कार्यदल द्वारा विशेष रूप से गठित परियोजना समीक्षा तथा स्टीयरिंग ग्रुप (सीआरएसजी) द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं की नियमित रूप से निगरानी की जाती है।

प्रस्ताव को निर्धारित प्रपत्र में प्रस्तुत करना अपेक्षित होता है। परियोजनाओं को उपयोगकर्ता संगठनों/ उद्योग के संगत क्षेत्रों के आधार पर वित्तीय सहायता के लिए प्राथमिकता मिलती है। अनुदान स्वायत्त अनुसंधान एवं विकास तथा अकादमिक संगठनों को प्रदान किया जाता है। धनराशि पूंजीगत सामान, सॉफ्टवेयर, परियोजना के लिए विशेष तौर पर भर्ती की गई जनशक्ति तथा संस्थान के न्यायोचित उपरिव्ययय, उपभोज्य, यात्रा और आकस्मिक खर्च के लिए प्रदान की जाती है।


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