भारत सरकार
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी, भारत सरकार के मंत्रालय

सी डैक

सेंटर फोर डेवलपमेंट ऑफ एडवान्सड कंप्यूटिंग

सी - डैक
सेंटर फोर डेवलपमेंट ऑफ एडवान्सड कंप्यूटिंग
सी-डैक (मुख्यालय)
गणेष खिंद
पुणे- 411 007
महाराष्ट्र
भारत
फैक्स :


सी-डैक की गतिविधियां मुख्यत: प्रौद्योगिकी के 6 वृहद विषयक क्षेत्रों के अंतर्गत आती है नामत:

हाई परफार्मेन्स कंप्यूटिंग और ग्रिड कंप्यूटिंग

  • बहुभाषायी और हैरिटेज कंप्यूटिंग
  • सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी एवं एफओएसएस
  • व्यावसायिक इलेक्ट्रानिक्स बी एल एस आई और अंत:स्थापित सिस्टम्स
  • साइबर सुरक्षा और साइबर अपराध विज्ञान (फोरेन्सिक)
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा और स्वास्थ्य

1998 में स्वदेशी सुपरकंप्यूटर बनाने के अपने विभाग, सी-डैक ने आईसीटीई के अन्य क्षेत्रों जैसे बहुभाषी कंप्यूटिंग, सॉफ्टवेयर तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स, आरएफ, बीएलएसआई- एएसआईसी और विशेष औद्योगिक उत्पादों के हार्डवेयर डिजाइन की प्रगामी सक्षमता में बढोत्तरी की है। इन-आउस अनुसंधान एवं विकास के जरिये और शैक्षिक संस्थाओं, अनुसंधान प्रयोगशालाओं एवं उद्योगों के साथ सह-क्रियात्मक सहयोग से सी-डैक ने वैज्ञानिक एवं इंजीनियरिंग, विनिर्माण व सेवा, सरकार, स्वास्थ्य व अन्य रणनीतिक क्षेत्र में उद्योगों एवं अंतिम प्रयोगकर्ताओं की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए औजारों, तकनीकों, उत्पादों और सेवाओं का विकास किया है।

विवरण सी-डैक की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इनमें से प्रत्येक क्षेत्र में कुछेक प्रतिनिधि गतिविधियां नीचे दी गई हैं:

 

हाई परफार्मेन्स कंप्यूटिंग (एच पी सी) और ग्रिड कंप्यूटिंग

इसमें इन-आउस बनाए गए हार्डवेयर जैसे उच्च गति नेटवर्क और एक्सेलरेटर्स, सिस्टम सॉफ्टवेयर जैसे लाइट-वेट संचार प्रोटोकॉल, कार्यक्रम विकास वातारण और सुविधा प्रबंधन उपस्करों के साथ-साथ ऑफ -द शैल्फ घटकों जैसे सीपीयू और स्टोरेज के प्रयोग से एचपीसी सिस्टम तैयार करने; और समस्याओं का समाधान करने वाली बहुत से अनुप्रयोग सॉफ्टवेयरों पर जोर दिया गया है जिनकी समानांतर कंप्यूटिंग वातावरण में काफी अधिक आवश्यकता होती है। राष्ट्रीय ग्रिड मूलभूत ढांचे के निर्माण हेतु उच्च बैंडविड्थ बैकबोन नेटवर्क युक्त कुछ एचपीसी सिस्टमों का एकीकरण भी किया जा रहा है।

बहुभाषी और हैरिटेज कंप्यूटिंग

सी-डैक द्वारा पहले से विकसित औजारों की विशेषताओं में बढोत्तरी के साथ-साथ भारतीय भाषाओं में आईटी के बढे़ प्रयोग के लिए नए औजारों का विकास करने की ओर प्रयास जारी हैं। इनमें सभी कंप्यूटर अनुप्रयोगों के लिए भारतीय भाषा सहायता, मशीन की सहायता से अनुवाद सिस्टम, टेक्स्ट-टू-स्पीच, ऑप्टिक कैरेक्टर और हस्तलेखन की पहचान और शारीरिक तौर पर विकलांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण हेतु भारतीय भाषा सॉफ्टवेयर औजार शामिल हैं।

साफ्टवेयर प्रौद्योगिकियां और फोस

ई-शासन, वैब सेवाओं , जिओमेटिक्स, मल्टीमीडिया कंप्यूटिंग, आपरेटिंग सिस्टम और डिजिटल लाइब्रेरी के क्षेत्रों में सॉफ्टवेयर औजारों , तकनीकों और समाधान का विकास एवं प्रयोग (संस्थापन) जारी है। एनआरसी- एफओएसएस गतिविधियों का उद्देश्य विंडोज के लिए व्यवहार्य विकल्पों की व्यवस्था करना और उन पर कार्रवाई करना है। इनमें अनुप्रयोग, उपस्कर और ओपन स्रोत साफ्टवेयर को एकल भारतीय भाषा समर्थित सी डैक नामत: बॉस (बी ओ एस एस) में समेकन शामिल है।

व्यावसायिक इलेक्ट्रॉनिक्स, वीआईएसआई और अंत:स्थापित सिस्टम्स

इस क्षेत्र में इलेक्ट्रॉेनिक्स उत्पादों एवं सिस्टम के लिए हार्ड कोर सर्किट, हार्डवेयर सिग्नल प्रोसेसिंग एलोगरिद्म्स, फर्मवेयर आदि शामिल हैं। अनुसंधान एवं विकास में विभिन्न पुन: प्रयोजनीय बौद्धिक संपत्ति माडयूल, उन्हें विभिन्न इलेक्टॉनिक्स सिस्टम्स में प्रयोग करने हेतु उनका विकास एवं उन्हेंड मान्यता प्रदान करने पर ध्यासन केन्द्रि त किया गया है। विद्युत इलेक्ट्रॉनिक्स, उन्नत बेतार संचार, वीएलएसआई, अंत: स्थापित सिस्टम्स, एकोस्टिक और अल्ट्रासोनिक्स, नियंत्रण और स्वचालित सिस्टम के वृहत क्षेत्र शामिल हैं।

साईबर सुरक्षा और साइबर फोरेन्सिक

साइबर अपराध के खतरे से निपटने के लिए आई टी अधिनियम लागू करने एवं विशेषज्ञता (कुशलता) हासिल करने में सहायता के लिए सी-डैक अनुसंधान और उत्पाद विकास के लिए ई-सुरक्षा डिवीजन में मुख्य साझेदार बन गया है। मुख्य गतिविधियां डिजीटल प्रमाण अर्जित करने हेतु सॉफ्टवेयर स्यूट, विधि प्रवर्तन प्राधिकरणों द्वारा विश्ले षण, लॉग फाइलों के नेटवर्क के विश्लेषण के लिए टूल, कैपचर्ड नेटवर्क डाटा के सत्र से डिजीटल डाटा का विश्लेिषण और पुन: रचना, गुप्त टेक्स्ट संदेशों वाली इमेज फाइलों की जांच के लिए स्टेग्नोग्राफी स्यूट और एंटरप्राइज फोरेन्सिक और नेटवर्क सुरक्षा आश्वासन उत्पाद।

स्वागस्य्ूट सूचना विज्ञान स

ी-डेक के पास मुक्तप स्रोत, विंडो-आधारित, वैव-समर्थ और प्वालइंट-टू-प्वायइंट, उद्यम विशेष की आवश्य-कताओं के अनु कूल बहुत से टेलीमेडिसिन उत्पाादों की रेंज है। उत्त र-पूर्व सहित भारत के विभिन्नओ भागों में बहुत से समाधान स्थापपित किए गए हैं।

शिक्षा और प्रशिक्षण:

प्रौद्योगिकी विकास के अलावा, सी-डेक बहुत से शैक्षणिक कार्यक्रमों की एक विस्तृात रेंज के साथ इलेक्ट्रॉ निक्सव और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मानव संसाधनों के विकास में संलग्नक है। कार्यकलापों का उद्देश्यन स्ना तक स्तकर पर युवा लोगों के तकनीकी कौशल का विकास करना है। रोजगारोन्मुदख केपसूल कार्यक्रम और विशेषज्ञता वाले साफ्टवेयर क्षेत्रों जैसे एम्बेहडेट सिस्टेम, जियोमेटिक्सञ, साइबर सुरक्षा, उद्यम संसाधन प्रबंधन, भाषा प्रौद्योगिकी और स्था।नीयकरण में डिप्लो मा, एनईटी, जावा, जेएसपी, आईबीएम, मेनफ्रेमआदि विद्यार्थियों और रोजगाररत व्यलवसायिकों को अपने कैरियर में बढ़ोत्त,री के लिए मूल्य,वर्धित अवसर प्रदान करते हैं। सी-डेक, एमटेक, एमसीए और एमबीए कार्यक्रम भी संचालित करता है जो एआईसीटीई से मान्यीता प्राप्तो हैं और प्रतिष्ठिऔत विश्वेविद्यालयों से संबद्ध हैं।


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