भारत सरकार
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी, भारत सरकार के मंत्रालय

ई-अधिगम

ई-अधिगम

  • ई-अधिगम उच्‍च महत्‍व वाले एकीकृत अधिगम की सुविधा मुहैया कराने के लिए अधिगम सेवाओं और प्रौद्योगिकी का एक मिश्रित रूप है; जो किसी भी समय, कभी भी आधार पर उपलब्‍ध कराया जा सकता है। इसे बाजार स्‍थलों में प्रशिक्षण के एक आगामी चमत्‍कार और शिक्षा उद्योग के रूप में स्‍वीकार किया जा रहा है तथा यह डिजिटल क्रान्‍ति का अगला चरण साबित होगा।
  • डिजिटल इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स के क्षेत्र में हो रही नित नई प्रगति ने ई-अधिगम को यथा संभव सरल बनाया है क्‍योंकि डिजिटल डेटा को आसानी से एकत्र किया जा सकता है, तेजी से छांटा जा सकता है; डेटा के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है; भण्‍डारण के लिए कम स्‍पेस की आवश्‍यकता होती है। इन डिजिटल टूल्‍स का प्रभावी ढंग से प्रयोग मल्‍टी मीडिया विशेषताओं से युक्‍त ऑडियो, वीडियो, ग्राफिक्‍स, 3डी-एनिमेशन आदि सहित पाठ्यक्रम की विषयवस्‍तु को समृद्ध बनाने के लिए किया जा सकता परिणामस्‍वरूप विषय के संबंध में बेहतर ढंग से परिकल्‍पना की जा सकती है और अपेक्षाकृत अधिक सुगम तरीके से उसे समझा जा सकता है और इस प्रकार विषय का अभिधारण किया जा सकता है अर्थात उसे बोधगम्‍य बनाया जा सकता है।
  • ई-अधिगम कार्यक्रम के चार चरण अर्थात प्रौद्योगिकी, टूल्‍स (सॉफ्टवेयर), मानक और विषयवस्‍तु होते हैं। ई-अधिगम का प्रयोग कक्षाओं में अनुदेश देने के पारंपरिक तरीकों के पूरक के रूप में किया जा रहा है। यह आईसीटी टूल जैसे कंप्‍यूटर मल्‍टी मीडिया और वेब का प्रयोग करते हुए विषयवस्‍तु की गुणवत्‍ता में सुधार करने में भी सहायक है। ई-अधिगम अध्‍यापकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए अधिगम और प्रक्रिया की सुपुर्दगी की दृष्‍टि से सुविधाजनक है।
  • विभाग द्वारा ई-अधिगम की पहचान एक ऐसे महत्‍वपूर्ण क्षेत्र के रूप में की गई है जहां शैक्षणिक टूल्‍स और संचार मीडिया का प्रयाग करते हुए शिक्षा प्रदान करने की योजना बनाई गई है। ई-अधिगम कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्‍य पारंपरिक शिक्षा प्रणाली से होने वाले लाभ को इष्‍टतम बनाने के लिए ई-अधिगम प्रौद्योगिकियों एवं पहलों को पारंपरिक कक्षा प्रणाली के साथ प्रभावी ढंग से एकीकृत करना, ज्‍यादा से ज्‍यादा विद्यार्थियों की इस तक पहुंच बढ़ाना और विद्यालयी परिवेश में सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित विषयों को अन्‍य विषयों के साथ जोड़ते हुए उनके अध्‍ययन-अध्‍यापन से ई-अधिगम का प्रचार-प्रसार करना है।
  • ई-अधिगम के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएं संचालित करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा बहुत से शैक्षणिक संस्‍थानों/अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाओं को वित्‍तीय सहायता प्रदान की गई है। निम्‍नलिखित प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित नए प्रस्‍तावों को सहयोग किया जाता है:
    • रियल टाइम वीडियो कम्‍प्रेशन एण्‍ड डिकम्‍प्रेशन टेक्‍नीक
    • भारतीय भाषाओं में प्राधिकृत टूल का विकास
    • प्‍लेटफार्म और वातावरण की दृष्‍टि से स्‍वतंत्र विषयवस्‍तु का विकास
    • ई-अधिगम के क्षेत्र में गुणवत्‍ता आश्‍वासन

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परियोजना प्रस्‍ताव तैयार करने के लिए जारी/कुछ पूरी कर ली गई ई-अधिगम अनुसंधान एवं विकास

परियोजनाओं संबंधी दिशा-निर्देश

अनुदान सहायता के संबंध में लागू निबंधन और शर्तें

परियोजना प्रस्‍ताव फार्म  (12 केबी) Zip file that opens in a new window

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1 .डॉ. अजय कुमार,
संयुक्त सचिव
ई-अवसंरचना/ई-अधिगम समूह
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स निकेतन
6 सीजीओ काम्‍पलेक्‍स
लोदी रोड, नई दिल्‍ली - 110003
ई-मेल: ajay AT mit.gov.in
दूरभाष: +91-11-24360160(कार्यालय)

2. श्री ए.के. अरोड़ा
वैज्ञानिक ‘एफ’ एवं विभागाध्‍यक्ष, ई-अधिगम प्रभाग
ई-अवसंरचना/ई-अधिगम समूह
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स निकेतन
6 सीजीओ काम्‍पलेक्‍स
लोदी रोड, नई दिल्‍ली - 110 003
ई-मेल : aarora AT mit.gov.in
दूरभाष: +91-11-24363077(कार्यालय)
फैक्‍स: +91-11-24363099(कार्यालय)


पृष्ठ, December 5, 2011 - 08:50:30 को अंतिम रूप से अद्यतन